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तुलसी विवाह का पावन पर्व कब मनाया जाएगा? जानिए शुभ मुहूर्त और विशेष योग

When will the holy festival of tulsi vivah be celebrated? Know the auspicious time and special yoga
When will the holy festival of tulsi vivah be celebrated? Know the auspicious time and special yoga
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सनातन धर्म में तुलसी को देवी स्वरूप माना जाता है, और इसे केवल एक पौधा नहीं बल्कि तुलसी मां का वास माना जाता है, जिनकी पूजा देवी तुल्य की जाती है। हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर तुलसी विवाह का आयोजन होता है। यह पर्व देवउठनी ग्यारस के अगले दिन मनाया जाता है, जिसके बाद हिंदू धर्म में विवाह के कार्यक्रमों की शुरुआत होती है। इस साल तुलसी विवाह का पावन पर्व कब मनाया जाएगा, इसका शुभ मुहूर्त और इस दौरान बन रहे विशेष योगों की जानकारी यहां प्राप्त करें।

इस साल तुलसी विवाह का आयोजन 13 नवंबर को किया जाएगा। द्वादशी तिथि की शुरुआत 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे से होगी और इसका समापन 13 नवंबर को दोपहर 1:01 बजे पर होगा। उदिया तिथि के अनुसार, तुलसी विवाह 13 नवंबर को किया जाएगा।

- सूर्योदय: सुबह 6:42 बजे - सूर्यास्त: शाम 5:28 बजे - विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:36 तक - गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:28 से 5:55 तक - निशिता मुहूर्त: रात 11:39 से 12:32 तक

तुलसी विवाह के विशेष योग:

इस साल तुलसी विवाह के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जो इस पर्व को और भी खास बनाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है शिववास योग, जो दोपहर 1 बजे से आरंभ होगा। मान्यता है कि इस योग के दौरान भगवान शिव कैलाश पर्वत पर विराजमान होते हैं और इसके बाद नंदी पर सवार होते हैं। इस योग में भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

इसके साथ ही सिद्धि योग का भी निर्माण होगा। सिद्धि योग में किए गए कार्य हमेशा शुभ फल देते हैं, इसलिए इस दिन कोई भी नया काम शुरू करने का खास महत्व है।

इस पावन पर्व पर भगवान विष्णु और तुलसी माता के विवाह का आयोजन कर, साधक अपने जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति कर सकते हैं।

  When will the holy festival of tulsi vivah be celebrated? Know the auspicious time and special yoga