मणिपुर में जारी हिंसा के बीच कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने सोमवार को मांग की कि प्रधानमंत्री संसद सत्र से पहले मणिपुर का दौरा करें और वहां की स्थिति का जायजा लें। कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को कानून व्यवस्था में पूरी तरह विफल बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, मणिपुर 3 मई 2023 से जल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक वहां का दौरा नहीं किया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को मणिपुर के सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मिलना चाहिए। इसके साथ ही, संसद सत्र से पहले एक राष्ट्रीय सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी मांग की गई।
जयराम रमेश ने कहा, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बीच अजीब जुगलबंदी है। गृह मंत्री शाह सीएम की विफलताओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। यह डबल इंजन सरकार की नाकामी है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मणिपुर में गृह मंत्री ने स्थिति संभालने की जिम्मेदारी पूरी तरह छोड़ दी है।
मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष के मेघचंद्र सिंह ने कहा, डबल इंजन सरकार के तहत राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रधानमंत्री ने 2017 में कहा था कि जो मणिपुर में शांति नहीं ला सकते, उन्हें शासन करने का अधिकार नहीं है। लेकिन आज वह खुद मणिपुर की अनदेखी कर रहे हैं।
उन्होंने मणिपुर में मानवाधिकारों के बड़े पैमाने पर उल्लंघन और बढ़ती हिंसा पर भी चिंता व्यक्त की।
कांग्रेस नेताओं ने मणिपुर संकट को लेकर कहा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद सत्र से पहले मणिपुर का दौरा करें। मणिपुर में तत्काल पूर्णकालिक राज्यपाल की नियुक्ति हो। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह इस्तीफा दें। राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।
मणिपुर में 300 से अधिक मौतें और 60,000 से ज्यादा विस्थापित हो चुके हैं। हालिया हिंसा में इंफाल घाटी में कई भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों को निशाना बनाया गया। भाजपा विधायक और निर्दलीय विधायक के आवासों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं।
कांग्रेस नेता गिरीश चोडांकर ने कहा, मणिपुर डबल इंजन सरकार की विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। राज्य में कोई नेतृत्व नहीं है, और सरकार मानवीय संकट का समाधान करने में पूरी तरह नाकाम रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता, जैसे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्य में शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा और कुकी-मैतेई समुदायों के बीच संघर्ष ने राज्य को गंभीर संकट में डाल दिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए मणिपुर को भूला हुआ राज्य करार दिया।
प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी और राज्य का दौरा न करने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की आलोचना और तेज कर दी है। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
Congress targets prime minister modi, demands resignation of home minister amit shah