भारतीय डेटा सेंटर बाजार में क्रांति लाने के लिए आरएमजेड और कोल्ट डेटा सेंटर सर्विसेज (कोल्ट डीसीएस) ने संयुक्त उद्यम की घोषणा की है। यह साझेदारी अगले तीन से पांच वर्षों में $1.7 बिलियन का निवेश करेगी। इस योजना के तहत भारत के प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक डेटा सेंटर सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
इस परियोजना को आरएमजेड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स (आरडीआईपी) और कोल्ट डीसीएस के बीच समान भागीदारी में लागू किया जाएगा। नवी मुंबई और अंबत्तूर (चेन्नई) में मौजूदा साइटों का तेजी से विकास। एक अतिरिक्त तीसरी साइट की स्थापना, जिसमें संभावित रूप से पुणे या हैदराबाद शामिल हो सकते हैं।
सभी चरणों के पूरा होने पर इन डेटा केंद्रों की कुल संयुक्त क्षमता 250 मेगावाट (MW) होगी। कोल्ट डीसीएस की वैश्विक विस्तार योजना के तहत, कंपनी अगले पांच वर्षों में अपनी डेटा सेंटर क्षमता को 1 गीगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कोल्ट डीसीएस के सीईओ निकोलस सैनफ्रिडसन ने कहा, भारत हमारे आक्रामक विकास की रणनीति में एक महत्वपूर्ण देश है। आरएमजेड इंफ्रास्ट्रक्चर के सीईओ दीपक छाबड़िया ने बताया, क्लाउड और एआई क्रांति से प्रेरित डेटा सेंटर की मांग में तेजी आई है। कोल्ट डीसीएस के साथ हमारा सहयोग उभरते क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और मीडिया की जरूरतों को पूरा करेगा।
भारत में इस निवेश से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने यह भी संकेत दिया कि भूमि अधिग्रहण कोई चुनौती नहीं होगी, जिससे विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना है।
डेटा सेंटर उद्योग भारत में तेजी से विस्तार कर रहा है, जिसमें क्लाउड सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग मुख्य भूमिका निभा रही है। यह निवेश डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक डेटा सेंटर मानकों के अनुरूप नई तकनीकों को लाने में मदद करेगा।
RMZ and colt dcs to invest $1.7 billion in indian data center sector