सोमवार की सुबह शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे बीएसई सेंसेक्स 1,192 अंक गिरकर 78,532.12 पर आ गया। इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में 7.37 लाख करोड़ रुपये की कमी हुई, जिससे बीएसई-सूचीबद्ध फर्मों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 4,40,72,863.01 करोड़ रुपये रह गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव डाला। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव और इस सप्ताह के अंत में होने वाले फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले के कारण भी निवेशक सतर्क नजर आए।
सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में सन फार्मा, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स, टाइटन, और टाटा स्टील जैसी कंपनियों के शेयर प्रमुख रूप से गिरे। हालांकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंडसइंड बैंक के शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 211.93 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। अक्टूबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग 94,000 करोड़ रुपये (11.2 बिलियन डॉलर) की निकासी की, जो घरेलू बाजार में उच्च मूल्यांकन और चीनी शेयरों की तुलना में महंगे होने के कारण हुई।
एशियाई बाजारों में सियोल, शंघाई, और हांगकांग में तेजी देखने को मिली, जबकि अमेरिकी बाजार शुक्रवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.56% बढ़कर 74.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।
दिवाली के अवसर पर 1 नवंबर को बीएसई और एनएसई में एक घंटे का विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया गया, जो नए संवत 2081 की शुरुआत का प्रतीक है। इस सत्र में बीएसई सेंसेक्स 335.06 अंक (0.42%) बढ़कर 79,724.12 पर बंद हुआ, और निफ्टी 99 अंक (0.41%) की बढ़त के साथ 24,304.35 पर पहुंचा।
Sensex fell sharply, investors wealth declined by rs 7.37 lakh crore