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बॉक्सिंग डे टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया की विवादित रणनीति: भारतीय खिलाड़ियों को मिली खराब पिचें, चोटिल होने का खतरा बढ़ा

Boxing Day Test Controversy: Australia Gives Poor Practice Pitches to India
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बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दबदबा बनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया की रणनीति विवादों में घिर गई है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर भारतीय टीम को प्रैक्टिस के लिए खराब पिचें दी गईं, जिससे खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बढ़ गया है। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप और कप्तान रोहित शर्मा के बयानों ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।

भारतीय खिलाड़ियों को मिली खराब पिचें

19 और 20 दिसंबर को भारतीय टीम ने MCG में प्रैक्टिस की। इन सत्रों के दौरान, खिलाड़ियों को दी गई पिचों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को प्रैक्टिस के दौरान घुटने पर चोट लगने की आशंका हुई, जिसके बाद उन्हें फिजियो से इलाज कराना पड़ा। तेज गेंदबाज आकाशदीप और बल्लेबाज केएल राहुल पहले ही चोटिल हो चुके हैं।

आकाशदीप ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "ये पिचें सफेद गेंद क्रिकेट के लिए बनी हैं। उछाल बेहद कम है और बल्लेबाजों के लिए गेंद को छोड़ना मुश्किल हो रहा है।"

ऑस्ट्रेलियाई टीम को दी गई बेहतर पिचें

भारतीय टीम की शिकायतों के विपरीत, ऑस्ट्रेलियाई टीम को अभ्यास के लिए अलग और बेहतर पिचें प्रदान की गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की प्रैक्टिस पिचों पर उछाल और गति थी, जो टेस्ट मैच के लिए अधिक उपयुक्त थीं।

सोमवार को जब भारतीय टीम ब्रेक पर थी, तब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ताजा पिचों पर प्रैक्टिस की। पिच क्यूरेटर मैट पैग्स ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा, "हम मैच-केंद्रित पिचें सभी टीमों को टेस्ट मैच शुरू होने से तीन दिन पहले ही देते हैं।"

साजिश या सामान्य प्रोटोकॉल?

यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। घरेलू टीम का फायदा उठाने के लिए पिचों में बदलाव करना क्रिकेट में नई बात नहीं है, लेकिन भारत को मिली खराब पिचों ने इस बार सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऑस्ट्रेलिया का दबाव बनाने का तरीका हो सकता है। बॉक्सिंग डे टेस्ट, जो मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा, हमेशा से हाई-प्रोफाइल मुकाबला रहा है। ऐसे में, प्रैक्टिस पिचों पर विवाद दोनों टीमों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।

आगे की राह

भारतीय टीम प्रबंधन को अब खिलाड़ियों की फिटनेस पर ध्यान देना होगा। चोटिल खिलाड़ियों की स्थिति पर नजर रखते हुए, उन्हें रणनीतिक रूप से अगले कदम उठाने होंगे। वहीं, क्रिकेट फैंस को 26 दिसंबर से शुरू हो रहे इस टेस्ट मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है, जो खेल के रोमांच को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।