इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को घोषणा की कि गाजा पट्टी में बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ समझौता हो गया है। यह समझौता 15 महीनों से चल रहे युद्ध में विराम लगाने के लिए किया गया है।
नेतन्याहू ने कहा कि वह आज अपनी सुरक्षा कैबिनेट और फिर सरकार की बैठक बुलाकर लंबे समय से प्रतीक्षित इस समझौते को मंजूरी देंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, “इजरायल का राज्य युद्ध के सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें हमारे सभी बंधकों की वापसी शामिल है, चाहे वे जीवित हों या मृत।”
यह समझौता गाजा पट्टी में लड़ाई को रोकने के साथ ही गाजा में बंदी बनाए गए दर्जनों इजरायली नागरिकों को रिहा करने और बदले में इजरायल द्वारा गिरफ्तार किए गए फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने की प्रक्रिया को पूरा करेगा। इसके अलावा, यह हजारों विस्थापित फिलिस्तीनियों को अपने घरों की ओर लौटने की अनुमति भी देगा।
7 अक्टूबर, 2023 को गाजा के आतंकवादियों ने इजरायल पर हमला किया, जिसमें 1200 से अधिक इजरायली नागरिक मारे गए और सैकड़ों को बंधक बना लिया गया। इसके बाद से इजरायल के हवाई हमलों में अब तक 46,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने इजरायल पर युद्ध अपराधों का आरोप लगाया है, जिसे नेतन्याहू की सरकार ने खारिज कर दिया है।
गुरुवार को नेतन्याहू सरकार ने हमास पर समझौते के कुछ हिस्सों को लेकर रियायतें मांगने का आरोप लगाया, जिससे अंतिम निर्णय में देरी हुई। इजरायली प्रवक्ता डेविड मेंसर ने कहा कि विवाद फिलाडेल्फी कॉरिडोर में इजरायली सेना की तैनाती को लेकर था।
हालांकि, हमास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह समझौते के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमास के वरिष्ठ अधिकारी इज्जत अल-रिश्क ने कहा, "हम मध्यस्थों द्वारा घोषित युद्धविराम समझौते के प्रति प्रतिबद्ध हैं।"
राजनीतिक विवाद
इस समझौते ने नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार में तीखी आलोचना झेली है। कट्टरपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल इस समझौते को मंजूरी देता है, तो वह सरकार से इस्तीफा दे देंगे।
गुरुवार को गाजा में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 72 लोग मारे गए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह युद्धविराम क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में कितना प्रभावी होता है।