टीएमसी के बागी सांसदों पर कपिल सिब्बल का हमला, बोले- ‘विलय नहीं, सीधे अयोग्यता बनती है’
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नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उन बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है, जिन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी (एनसीपी) में शामिल होने की घोषणा की है। सिब्बल ने इस कदम को लोकतंत्र का मजाक बताते हुए संबंधित सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए सिब्बल ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र अब “थिएटर ऑफ द एब्सर्ड” यानी बेतुकेपन का मंच बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी दल के बागी सांसद अपने स्तर पर किसी अन्य राजनीतिक दल में विलय नहीं कर सकते।
सिब्बल के अनुसार, किसी राजनीतिक पार्टी के विलय का निर्णय केवल पार्टी संगठन ही ले सकता है, न कि उसके कुछ सांसद या विधायक। ऐसे में टीएमसी के बागी सांसदों द्वारा दूसरी पार्टी में विलय की घोषणा संवैधानिक और कानूनी दृष्टि से सवालों के घेरे में है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सांसद दल-बदल कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
सिब्बल की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित संवैधानिक संस्थाएं और संसद इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं।