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महाकुंभ के लिए जा रही ट्रेन पर पथराव, यात्री बाल-बाल बचे |

Stone Pelting on Train Heading to Maha Kumbh, Passengers Narrowly Escape
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महाकुंभ मेले के लिए जा रही एक ट्रेन पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया है, जिसने यात्रियों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया। यह घटना महाराष्ट्र के जलगांव के पास हुई, जहां ताप्ती गंगा एक्सप्रेस पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया। इस हमले में ट्रेन के एक कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए। हालांकि, सौभाग्यवश किसी यात्री को चोट नहीं आई।

जलगांव स्टेशन के पास हुआ हादसा

रेलवे पुलिस के अनुसार, ताप्ती गंगा एक्सप्रेस जैसे ही जलगांव स्टेशन से रवाना हुई, किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन पर पत्थर फेंके। इससे एक कोच की खिड़की के शीशे टूट गए। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

महाकुंभ मेले के चलते देशभर से श्रद्धालु संगम नगरी पहुंच रहे हैं। पौष पूर्णिमा के दिन सुबह 9:30 बजे तक 60 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके थे। अनुमान है कि दिन के अंत तक यह संख्या एक करोड़ तक पहुंच सकती है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 20 क्विंटल फूलों की बारिश की जाएगी।

144 साल बाद दुर्लभ संयोग

महाकुंभ का यह साल खास है क्योंकि 144 वर्षों बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है। सोमवार और पौष पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर श्रद्धालु संगम में स्नान कर महादेव की उपासना कर रहे हैं। महाकुंभ मेला क्षेत्र के सभी घाटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है।

कल्पवासी संगम में स्नान कर महाकुंभ के कठिन नियमों का पालन करते हुए पुण्य प्राप्ति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं। वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन को अतिरिक्त कदम उठाने की आवश्यकता है। महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन के दौरान इस तरह की घटनाएं श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं।

महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालु ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में रेलवे पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करनी होगी ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित और भयमुक्त हो।