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महाकुंभ 2025 के समापन पर दुर्लभ खगोलीय घटना: 26 फरवरी को दिखेंगे सभी 7 ग्रह

Mahakumbh 2025 to Conclude with Rare Planetary Alignment on February 26
Mahakumbh 2025 to Conclude with Rare Planetary Alignment on February 26
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प्रयागराज, 26 फरवरी 2025: महाकुंभ 2025 का समापन एक अद्वितीय खगोलीय घटना के साथ होगा, जब बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून एक साथ भारत के आकाश में नजर आएंगे। यह दुर्लभ संयोग 26 फरवरी की रात को होगा, जिसे बिना किसी टेलीस्कोप के भी देखा जा सकेगा (हालांकि यूरेनस और नेपच्यून को दूरबीन की मदद से देखना आसान होगा)।

महाकुंभ हिंदू धर्म का सबसे पवित्र मेला माना जाता है, और इस बार इसका समापन एक विशेष खगोलीय संयोग के साथ हो रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस ग्रह संरेखण को अत्यंत शुभ माना जा रहा है और यह आध्यात्मिक उन्नति के लिए उत्तम समय हो सकता है।

खगोलविदों के मुताबिक, यह घटना तब होती है जब सौरमंडल के कई ग्रह एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, जिससे वे पृथ्वी से एक साथ देखे जा सकते हैं। इसे "ग्रहीय परेड" (Planetary Parade) भी कहा जाता है।

भारत में कब और कहां देखें?

  • यह दृश्य सूर्यास्त के कुछ घंटे बाद से आधी रात तक सबसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
  • भारत में प्रयागराज, वाराणसी, हरिद्वार, उज्जैन, तिरुपति और अन्य धार्मिक स्थलों से यह नजारा अधिक स्पष्ट होगा।
  • बृहस्पति और शनि को नंगी आंखों से देखा जा सकता है, जबकि यूरेनस और नेपच्यून के लिए दूरबीन की जरूरत होगी

खगोल प्रेमी इस दुर्लभ संयोग का आनंद लेने के लिए खुले स्थानों में जाएं, जहां कृत्रिम रोशनी कम हो। वहीं, धार्मिक श्रद्धालु इस दिन ध्यान, जप और स्नान को शुभ मान सकते हैं।