महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष (तारीख जोड़ें) को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। भक्तजन शिवलिंग का रुद्राभिषेक करते हैं, व्रत रखते हैं और पूरी श्रद्धा से भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है? आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर क्या करना चाहिए और क्या करने से बचना चाहिए।
महाशिवरात्रि पर क्या करें?
✅ जल और दूध से अभिषेक करें – भगवान शिव को जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। ✅ उपवास रखें – यह व्रत शरीर को शुद्ध करने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देता है। ✅ ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें – महाशिवरात्रि पर शिव मंत्रों का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। ✅ बेलपत्र, धतूरा और भांग चढ़ाएं – यह भगवान शिव को प्रिय होते हैं और इन्हें चढ़ाने से पुण्य लाभ मिलता है। ✅ रात में जागरण करें – शिवपुराण में बताया गया है कि इस दिन रात्रि जागरण करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
महाशिवरात्रि पर क्या न करें?
❌ तामसिक भोजन और नशे से बचें – मांसाहार, शराब और अन्य तामसिक वस्तुओं का सेवन इस दिन वर्जित है। ❌ शिवलिंग पर नारियल का जल न चढ़ाएं – शिवलिंग पर जल, दूध या पंचामृत अर्पित करें, लेकिन नारियल का जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ❌ तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं – भगवान शिव को तुलसी के पत्ते अर्पित नहीं करने चाहिए, क्योंकि यह भगवान विष्णु को अधिक प्रिय माने जाते हैं। ❌ शिवलिंग पर हल्दी न चढ़ाएं – हल्दी को सौंदर्य और देवी पूजन से जोड़ा जाता है, इसलिए इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से बचना चाहिए। ❌ क्रोध और झूठ से बचें – इस दिन मन और वाणी की पवित्रता बनाए रखें और गलत कार्यों से दूर रहें।
महाशिवरात्रि पर व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी कष्टों का नाश होता है। इस दिन भगवान शिव की कृपा पाने के लिए श्रद्धालु पूरी भक्ति के साथ उनकी आराधना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं|