वाशिंगटन: अमेरिका में इमीग्रेशन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि हजारों शिकायतों के बावजूद अब तक किसी भी ट्रैवल एजेंट को सजा नहीं मिली है। नकली वीज़ा, जाली दस्तावेज़ और फर्जी नौकरियों के नाम पर एजेंटों द्वारा हजारों लोगों को ठगा जा रहा है। कई पीड़ित परिवारों ने भारी रकम गंवाने के बाद अमेरिकी अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कड़े कानून होने के बावजूद दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
धोखाधड़ी के मामलों में सबसे आम तरीका यह है कि ट्रैवल एजेंट वीज़ा दिलाने या स्थायी निवास (Green Card) में मदद करने का झांसा देते हैं। वे असली एजेंसियों की नकल करके नकली दस्तावेज़ तैयार कर लोगों को अमेरिका भेजने का वादा करते हैं। कई मामलों में, लोगों को फर्जी नौकरियों का ऑफर देकर उनसे मोटी रकम ऐंठी जाती है। जब पीड़ित अमेरिका पहुंचते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि उनके दस्तावेज मान्य नहीं हैं और उन्हें निर्वासन (Deportation) का सामना करना पड़ता है।
हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने पिछले कुछ वर्षों में हजारों फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं, लेकिन अब तक किसी भी एजेंट को सजा नहीं दी गई है। कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता, सबूतों की कमी और कई मामलों में पीड़ितों द्वारा आगे न आने के कारण दोषी खुलेआम अपने गैरकानूनी धंधे चला रहे हैं। यह लापरवाही न केवल पीड़ितों को भारी नुकसान पहुंचा रही है बल्कि अमेरिका की इमीग्रेशन नीति पर भी सवाल खड़े कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह धोखाधड़ी और बढ़ सकती है। अमेरिकी सरकार ने हाल ही में चेतावनी जारी करते हुए अप्रवासियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और प्रमाणित एजेंसियों के माध्यम से वीज़ा और इमीग्रेशन से जुड़े काम कराएं। इसके अलावा, ऐसे मामलों की तुरंत रिपोर्ट करने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।