जालंधर जिला प्रशासन ने एक नया आदेश जारी कर विरोध-प्रदर्शनों को अनुशासित और नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाया है। अब शहर में केवल 9 स्थान ऐसे हैं जहाँ कोई भी प्रदर्शन, सभा या रैली आयोजित की जा सकती है, वह भी केवल प्रशासन की पूर्व अनुमति के साथ।
इस आदेश के तहत प्रदर्शनकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी भी प्रकार का हथियार लेकर ना आएं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान ना पहुंचाएं। किसी भी तरह के अराजक व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस निर्णय का उद्देश्य है – शहर की कानून व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को यातायात जाम, हिंसा या शोरगुल जैसी समस्याओं से बचाना। पिछले कुछ महीनों में कई बार बिना अनुमति के हुए प्रदर्शनों ने स्कूल, अस्पताल और बाजारों को प्रभावित किया था।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश 2 महीनों के लिए प्रभावी रहेगा, और आवश्यकता होने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इससे एक ओर जहाँ सरकार को भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी, वहीं नागरिकों के अभिव्यक्ति के अधिकार को भी उचित व्यवस्था के साथ सुरक्षित रखा जा सकेगा।