जालंधर नगर निगम ने अब कचरा प्रबंधन को लेकर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। 25 मई 2025 तक सभी घरों को यह आदेश दिया गया है कि वे सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करें। यह निर्देश राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सिफारिशों के अनुसार लागू किया गया है, जिसमें स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई है।
इस नियम के तहत जो लोग कचरा अलग-अलग नहीं करेंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, निगम द्वारा कचरा बीनने वाले लोगों को संगठित कर उन्हें विशेष पहचान पत्र, गाड़ियों और जरूरी किट्स उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य है – कुशल और पर्यावरण अनुकूल कचरा निपटान।
शहर में कई जगहों पर निगम द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि लोग समझ सकें कि कचरा अलग करना केवल सरकारी नियम नहीं, बल्कि उनकी और समाज की ज़िम्मेदारी भी है। स्कूलों, कॉलोनियों और दुकानों पर प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में बेहतर रैंकिंग पाने के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस बार वे जनता के सहयोग से जालंधर को “क्लीन सिटी” की श्रेणी में लाना चाहते हैं और इसके लिए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।