दिल्ली, 10 जून 2025 — आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता आतिशी को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, जब वह दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की प्रस्तावित तोड़फोड़ कार्रवाई से पहले कालकाजी की भूमिहीन कैंप झुग्गी बस्ती में लोगों से मिलने पहुंची थीं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें केवल "हटाया गया" था, न कि हिरासत में लिया गया।
आतिशी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि कोई भी झुग्गी नहीं तोड़ी जाएगी। फिर आज भारी पुलिस बल तैनात है और कल बुलडोज़र चलाने की तैयारी है। बीजेपी झुग्गीवासियों से झूठे वादे करती है — असल में वह गरीबों को सड़कों पर लाना चाहती है।”
पुलिस के अनुसार, आतिशी और उनके समर्थकों को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हटाया गया। इस धारा के तहत, यदि कोई व्यक्ति पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं करता, तो उसे हटाया जा सकता है, मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है या मामूली मामलों में छोड़ भी दिया जा सकता है।
भूमिहीन कैंप से जुड़ी सभी याचिकाएं हाल ही में अदालत द्वारा खारिज कर दी गई थीं, जिससे DDA के लिए तोड़फोड़ का रास्ता साफ हो गया। DDA ने बस्ती में तीन दिन के भीतर खाली करने का नोटिस लगाया, जिसमें यह भी उल्लेख किया गया कि इसके बाद कभी भी तोड़फोड़ की जा सकती है।
इस बीच, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आतिशी के समर्थन में कहा, “जब इन बेबस लोगों की झुग्गियों पर बुलडोज़र आया, तो आतिशी जी बेटी, बहन की तरह खड़ी रहीं — टूटी छतों के नीचे रहने वालों की आवाज बनकर। उन्हें गरीबों के अधिकारों की लड़ाई के लिए हिरासत में लिया गया।”
AAP और केंद्र सरकार के बीच दिल्ली की झुग्गी बस्तियों को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। जहां AAP का आरोप है कि बीजेपी गरीबों के घरों को निशाना बना रही है, वहीं दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि सभी पात्र लोगों को पहले ही वैकल्पिक आवास उपलब्ध करा दिए गए हैं।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा, “किसी गरीब का घर नहीं तोड़ा जाएगा। गरीबों का कल्याण बीजेपी का मिशन है — सिर्फ नारा नहीं, समाज को बदलने की राह है।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 2,500 मकानों को अब ₹43 करोड़ की लागत से रहने लायक बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा, “कोर्ट जो कहेगा, वह लागू किया जाएगा। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्थापितों को वैकल्पिक आवास दिया गया है।