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टेकऑफ से पहले रुक गई इंडिगो फ्लाइट, 160 यात्रियों की जान बची, देशभर में उड़ानों को लेकर बढ़ी चिंता

IndiGo Flight from Chandigarh to Lucknow Cancelled Before Takeoff; Emergency Landing & Crash Raise Aviation Safety Fears
IndiGo Flight from Chandigarh to Lucknow Cancelled Before Takeoff; Emergency Landing & Crash Raise Aviation Safety Fears
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चंडीगढ़ (भारत):
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर आज उस समय अफरातफरी मच गई जब इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E146 को टेकऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी के कारण अचानक रोकना पड़ा। यह फ्लाइट सुबह 8 बजे लखनऊ के लिए रवाना होने वाली थी, जिसमें करीब 160 यात्री सवार थे। लेकिन विमान में आई तकनीकी खराबी ने उड़ान को नामुमकिन बना दिया, और फ्लाइट को रद्द करना पड़ा।

घटना के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारकर रनवे से एयरपोर्ट टर्मिनल लाया गया। एयरलाइन ने यात्रियों से खेद जताते हुए उन्हें वैकल्पिक फ्लाइट या पूर्ण रिफंड का विकल्प दिया है। हालांकि किसी को चोट नहीं आई, लेकिन यात्रियों में निराशा और असुविधा साफ देखी गई|

चंडीगढ़ की घटना से ठीक एक दिन पहले, गुवाहाटी से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट को बैंगलुरु में आपात लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में 168 यात्री सवार थे जब पायलट ने एटीसी को "मेडे कॉल" (इमरजेंसी सिग्नल) भेजा।

बैंगलुरु एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए रनवे पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की तैनाती कर दी। फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को रेस्क्यू गेट से सुरक्षित बाहर निकाला गया। यद्यपि सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना एक बड़ा झटका रही।

इससे भी भयावह हादसा 12 जून को गुजरात के अहमदाबाद में हुआ, जब एअर इंडिया का ड्रीमलाइन-787 विमान, जो लंदन जा रहा था, एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरकर क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 275 लोगों की जान चली गई, जिनमें 12 क्रू मेंबर्स और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी शामिल थे।

विमान में आग लग गई, और सिवाय एक यात्री के — जो गिरने से पहले दरवाज़ा टूटने पर कूद गया — कोई भी नहीं बच सका। घटना की जांच DGCA के हवाले की गई है, और इसके बाद से एयर इंडिया में उड़ान भरने को लेकर यात्रियों में भय और अविश्वास बढ़ गया है।

लगातार हो रही तकनीकी खराबियाँ, आपात लैंडिंग, और क्रैश जैसी घटनाएं अब भारत की नागरिक उड्डयन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए, लेकिन बढ़ती घटनाओं ने यात्रियों का भरोसा डगमगाया है।