ईरान ने दुनिया को चौंकाते हुए एक नई मिसाइल लड़ाई की शुरुआत कर दी है। "बेटल बिगिन्स, नो मर्सी!" — ये शब्द सिर्फ चेतावनी नहीं थे, बल्कि एक सीधी कार्रवाई की शुरुआत थी। जैसे ही इज़राइल की ओर से तेहरान को आत्मसमर्पण की खुली चुनौती दी गई, ईरान ने पलटवार करते हुए अपनी सबसे तेज़ और घातक हाइपरसोनिक मिसाइल लॉन्च कर दी।
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गति: सामान्य मिसाइल से कई गुना तेज़ — ध्वनि की गति से 13 गुना (Mach 13)।
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दिशा बदलने में सक्षम: हवा में उड़ते-उड़ते भी दिशा बदल सकती है, जिससे डिफेंस सिस्टम को चकमा देना आसान।
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टारगेट: तेल अवीव के आसपास के सैन्य अड्डे और संचार केंद्र निशाने पर।
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इज़राइल ने तुरंत अपने आयरन डोम और ऐरो डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए।
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कई मिसाइलें हवा में ही नष्ट की गईं, लेकिन कुछ सतह तक पहुंचीं और धमाके हुए, जिससे इलाके में अस्थायी अफरा-तफरी मच गई।
दुनिया की प्रतिक्रिया
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अमेरिका और यूरोपीय देश स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
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संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से "संयम बरतने" की अपील की है, लेकिन जमीन पर हालात इसके उलट दिख रहे हैं।
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यह पहली बार है जब हाइपरसोनिक तकनीक को इस तरह प्रत्यक्ष युद्ध में उपयोग किया गया।
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यह संकेत है कि अब संघर्ष पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़ चुका है — अगली जंग टेक्नोलॉजी की होगी।
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यह हमला सिर्फ एक देश पर नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी प्रभाव पर सीधा संदेश माना जा रहा है।
"अब चेतावनी का समय नहीं… ईरान ने बता दिया है कि अगली जंग में न रहम होगा, न रुकावट।"