इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने शुक्रवार तड़के एक गंभीर मोड़ ले लिया जब इज़राइली वायुसेना ने एक उच्च-गोपनीयता वाले "आयरन स्ट्राइक" ऑपरेशन के तहत ईरान के कई प्रमुख परमाणु केंद्रों और सैन्य अड्डों पर हमला किया। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है और ईरान ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, हमला देर रात 2 बजे शुरू हुआ जब इज़राइल के स्टील्थ ड्रोन और मिसाइलें नतांज़, फोर्दो और इस्फहान में स्थित संवेदनशील परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए दागी गईं। इसके साथ ही तेहरान के पास दो प्रमुख सैन्य अड्डों पर भी बमबारी की गई।
ईरान सरकार ने हमलों को "सीधा युद्ध का ऐलान" करार दिया है और दावा किया है कि उसने कई मिसाइलों को मार गिराया, जबकि कुछ हमलों से भौतिक नुकसान की भी पुष्टि की गई है। राजधानी तेहरान और कई अन्य शहरों में बंकर अलर्ट बजा दिए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों में भेजा जा रहा है।
इज़राइली रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "हमने यह कार्रवाई अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए की है। यह जवाबी हमला है, और हम आगे भी अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैयार हैं।"
संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की अनपेक्षित उग्रता को रोकना प्राथमिकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला पश्चिम एशिया को एक नए युद्ध की ओर धकेल सकता है, जिसका वैश्विक प्रभाव हो सकता है।