देशभर में इस साल मानसून ने समय से पहले दस्तक दी है और इसके चलते कई राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला तेज़ हो गया है। हिमाचल प्रदेश इस तबाही का सबसे बड़ा गवाह बन गया है, जहां सोमवार से लगातार मूसलधार बारिश हो रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है।
अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 48 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। 6 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
भारी बारिश के चलते ब्यास नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है, जो अब उफान पर है। इससे फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है।
मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 139 सड़कें बंद हैं और 314 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हो चुके हैं। अकेले गोहड़ (199), मंडी II (79) और ज नगर (18) क्षेत्र में सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके बताए जा रहे हैं। मंडी में एक बादल फटने की घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लापता हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के अनुसार, प्रदेश भर में 259 सड़कें बंद, 614 पावर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर और 130 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
इस बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को भी मानसून ने गर्मी से राहत दी है। पिछले सप्ताह बारिश शुरू होने के बाद, राजधानी में आज और बारिश होने की संभावना जताई गई है।