दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारतीयों के लिए एक नई और अभूतपूर्व पहल की शुरुआत की है। अब केवल ₹23.3 लाख (AED 100,000) शुल्क देकर योग्य भारतीय नागरिक गोल्डन वीज़ा के ज़रिए आजीवन रिहाइश का अधिकार प्राप्त कर सकते हैं — बिना किसी संपत्ति निवेश, बिज़नेस पार्टनरशिप या नौकरी की बाध्यता के।
इस नामांकन आधारित योजना के अंतर्गत, निम्नलिखित क्षेत्रों के पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी:
- 15+ वर्षों के अनुभव वाले शिक्षक और प्रोफेसर
- हेल्थकेयर वर्कर्स जैसे नर्स और चिकित्सक
- साइंटिस्ट और इनोवेटर्स
- डिजिटल क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स, और ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ी (25 वर्ष+ आयु)
- समुद्री क्षेत्र के अधिकारी और विशेषज्ञ
इस योजना में ₹23 लाख देकर सीधे वीज़ा पाना संभव नहीं है। पहले योग्यता और प्रोफेशनल उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाएगा। उसके बाद ही नामांकन मिलने पर शुल्क जमा कराना होगा।
🔍 आवेदन कहाँ से करें?
- आवेदन केवल आधिकारिक माध्यमों से किया जा सकता है, जैसे UAE का ICP पोर्टल या मान्यता प्राप्त संस्थाएं जैसे VFS Global, Rayad Group या One Vasco.
- UAE सरकार ने चेतावनी दी है कि कई फर्जी एजेंट और कंसल्टेंसी कंपनियाँ झूठे वादे कर रही हैं। ऐसे मामलों में सतर्क रहे
- इस योजना की पायलट शुरूआत केवल भारत और बांग्लादेश में की गई है। शुरुआती चरण में लगभग 5,000 भारतीयों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
यदि आप किसी रचनात्मक, शैक्षणिक, चिकित्सा या डिजिटल क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर चुके हैं, तो यह आपके लिए UAE में स्थायी बसने का सुनहरा अवसर हो सकता है। लेकिन याद रखें — यह योजना केवल योग्य और नामांकित लोगों के लिए है, पैसे भरने वालों के लिए नहीं