त्योहारी सीजन से पहले सितंबर में किए गए वस्तु एवं सेवा कर (GST) के सरलीकरण का सीधा असर रिटेल क्रेडिट बाजार पर देखने को मिला है। इसका परिणाम यह रहा कि जुलाई–सितंबर 2025 तिमाही में क्रेडिट मार्केट इंडिकेटर (CMI) बढ़कर 99 पर पहुंच गया, जो कि अप्रैल–जून 2025 तिमाही में 98 था। यह जानकारी ट्रांसयूनियन सिबिल (TransUnion CIBIL) की क्रेडिट मार्केट रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि के दौरान वाहन ऋण, खासकर दोपहिया और कार लोन, के साथ-साथ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में उल्लेखनीय इजाफा हुआ। बढ़ती मांग का असर CMI के डिमांड इंडिकेटर पर भी पड़ा, जो 92 से बढ़कर 95 पर पहुंच गया।
CMI को क्रेडिट बाजार की सेहत का एक समग्र पैमाना माना जाता है। यह हर महीने विभिन्न आंकड़ों का विश्लेषण कर तैयार किया जाता है और इसे चार प्रमुख स्तंभों— मांग, आपूर्ति, उपभोक्ता व्यवहार और प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है। इन सभी कारकों को मिलाकर एक एकीकृत CMI इंडिकेटर तैयार किया जाता है, जो बाजार की समग्र स्थिति को दर्शाता है।