नई दिल्ली, 20 दिसंबर 2025:
देश में बड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर सरकार ने एक सख्त कदम उठाया है। अब ₹10,00,000 या उससे अधिक की राशि के किसी भी एकल ट्रांजैक्शन पर 85 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा। यह नियम 20 दिसंबर 2025 से किए गए लेन-देन की तारीख के आधार पर लागू होगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फैसले का मकसद काले धन पर लगाम लगाना, बड़े नकद लेन-देन को हतोत्साहित करना और वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना है। खास तौर पर उन क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है जहां बड़े अमाउंट के लेन-देन में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं।
हालांकि, इस घोषणा के बाद व्यापारिक जगत और आम लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह कदम टैक्स चोरी रोकने में मददगार होगा, वहीं कारोबारी वर्ग का कहना है कि इतनी अधिक टैक्स दर से वैध बड़े सौदों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
टैक्स विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे लेन-देन की तारीख, भुगतान का माध्यम और दस्तावेज़ों का पूरा रिकॉर्ड रखें, क्योंकि नई व्यवस्था में ट्रांजैक्शन डेट सबसे अहम मानी जाएगी।