दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पुजारियों और ग्रंथियों के लिए एक खास योजना की घोषणा की है। इस नई पहल का नाम
‘पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना’
रखा गया है, जिसके तहत धार्मिक हस्तियों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी।
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस योजना का ऐलान करते हुए कहा कि मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को हर महीने ₹18,000 का मासिक मानदेय दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य इन धार्मिक व्यक्तियों के आर्थिक और सामाजिक योगदान को मान्यता देना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
केजरीवाल ने कहा, "पुजारी और ग्रंथी समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। वे न केवल धार्मिक संस्कारों का संचालन करते हैं बल्कि समाज को नैतिकता और आध्यात्मिकता का मार्ग भी दिखाते हैं। यह योजना उनकी सेवाओं को सम्मानित करने और उन्हें वित्तीय सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है।"
चुनावी तैयारी में जुटी आम आदमी पार्टी
दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। हाल ही में पार्टी ने 70 सीटों के लिए सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें कई नए चेहरे भी शामिल हैं। इस योजना को पार्टी के चुनावी एजेंडे का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो धार्मिक समुदायों को जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस घोषणा के दौरान केजरीवाल ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य दल केवल वादे करते हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी वादों को हकीकत में बदलती है। उन्होंने दावा किया कि यह योजना पुजारियों और ग्रंथियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।
इस नई योजना का समाज के विभिन्न वर्गों में व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। यह कदम न केवल धार्मिक संस्थाओं को सशक्त करेगा, बल्कि पार्टी के लिए भी समर्थन आधार को मजबूत करेगा।
‘पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना’ के जरिए आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर अपनी "काम की राजनीति" को प्राथमिकता देने की कोशिश की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह योजना चुनावी नतीजों पर कितना असर डालती है।