मॉस्को से आई ताज़ा ख़बरों के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस अमेरिका में जमे हुए रूसी संपत्तियों में से 1 अरब डॉलर ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को देने के लिए तैयार है। उन्होंने ट्रंप के निमंत्रण का भी जिक्र करते हुए विदेश मंत्रालय को प्रस्ताव का अध्ययन करने और साझेदार देशों से सलाह लेने का निर्देश दिया।
पुतिन ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि फिलिस्तीनी लोगों के साथ रूस के विशेष संबंधों को देखते हुए यह योगदान सदस्यता का फैसला होने से पहले भी संभव है। उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधियों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही। साथ ही उन्होंने शेष जमी संपत्तियों को यूक्रेन संघर्ष के बाद पुनर्निर्माण के लिए इस्तेमाल करने का भी जिक्र किया।
ट्रंप ने पहले दावा किया था कि पुतिन ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है, लेकिन क्रेमलिन की ओर से साफ कहा गया कि प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। बेलारूस के नेता पहले ही इसमें शामिल होने की सहमति दे चुके हैं।
यह घटना ट्रंप की उस कूटनीति का उदाहरण मानी जा रही है, जिसमें वे विरोधी पक्षों को भी बातचीत की मेज पर लाकर शांति और पुनर्निर्माण के प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं। कई लोग इसे ‘पीस थ्रू स्ट्रेंथ’ की नीति का नतीजा बता रहे हैं।