शेयर बाजार में जैसे ही रिकवरी की उम्मीद जगती है, कोई नई चुनौती सामने आ जाती है। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। AI से जुड़ी बिकवाली का दबाव थोड़ा कम हुआ था और बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी थी। IT कंपनियों के मिले-जुले नतीजों से बाजार को संभलने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने फिर चिंता बढ़ा दी।
दशहरा की छुट्टी के बाद बुधवार, 21 अक्टूबर को बाजार खुलेगा। इस बार उसके सामने महंगे तेल की बड़ी चुनौती होगी। ब्रेंट क्रूड करीब 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसके अलावा बड़ी टेक कंपनियों के नतीजे भी आने शुरू होंगे, जिन पर बाजार की नजर रहेगी।
Jio IPO भी बनेगा फोकस
इसी दिन Jio Platforms का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। ₹30,213 करोड़ के इस इश्यू को एंकर निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अब देखना होगा कि रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशक इसमें कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं।
तिमाही नतीजों पर रहेगी नजर
कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करेंगे। सोमवार को Urban Company और Himadri Specialty Chemicals के नतीजों में मामूली कमी को निवेशकों ने पसंद नहीं किया। इसका असर दोनों कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट के रूप में दिखा।
बुधवार को बाजार Bajaj Finance, L&T Technology Services, Hindustan Zinc, IREDA, Piramal Finance और Sobha समेत कई कंपनियों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। इनके नतीजे सोमवार को बाजार बंद होने के बाद आए थे।
इसके अलावा Eternal, KEI Industries, M&M Finance, Mahindra Holidays, SRF और Vishal Mega Mart के नतीजे भी आने हैं। Indian Hotels और Aditya Birla Sun Life AMC के नतीजों पर भी नजर रहेगी।
Nifty के लिए 22,800 अहम स्तर
Religare Broking के अजीत मिश्रा के अनुसार, सोमवार की गिरावट के बाद Nifty अपने 20-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के करीब पहुंच गया है। यह स्तर करीब 22,900 है। इसके नीचे 22,550 से 22,750 का दायरा अगला अहम सपोर्ट हो सकता है। तेजी लौटने पर 23,200 से 23,300 के स्तर पर रुकावट आ सकती है।
HDFC Securities के विनय रजानी का कहना है कि गिरावट के बावजूद तेजी से जुड़े इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी कमजोर नहीं पड़े हैं। उनके मुताबिक Nifty के लिए 22,800 का स्तर अहम है। यहां 20-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और पिछला स्विंग हाई दोनों सपोर्ट दे रहे हैं।
विनय रजानी का मानना है कि Nifty इस स्तर के आसपास संभलकर फिर तेजी पकड़ सकता है। हालांकि अगर इंडेक्स 22,500 के नीचे चला जाता है तो तेजी की उम्मीद कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहना होगा।
Bank Nifty में 55,500 का सपोर्ट
Bank Nifty भी 55,500 के करीब बंद हुआ है। यह इसका अहम सपोर्ट स्तर है। अगर यहां से लगातार बिकवाली होती है तो इंडेक्स 55,000 और फिर 54,500 तक गिर सकता है। रिकवरी होने पर 56,000 का स्तर पहली बड़ी चुनौती होगा।
LKP Securities के वत्सल भुवा के अनुसार, सोमवार की गिरावट के बावजूद Bank Nifty अपने 20-दिन के मूविंग एवरेज और 55,200 के अहम सपोर्ट के ऊपर बंद हुआ। उनके मुताबिक तेजी की वापसी की पुष्टि तभी होगी जब इंडेक्स लगातार 56,000 के ऊपर बंद होने लगेगा।
जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक इस तेजी को गिरावट के बाद की रिकवरी के तौर पर ही देखना चाहिए। अगर इंडेक्स 55,000 के नीचे जाता है तो निवेशकों को अपनी लॉन्ग पोजीशन पर दोबारा नजर डालनी चाहिए।