नई दिल्ली: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने भारतीय एनर्जी सेक्टर की कुछ प्रमुख सरकारी कंपनियों पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। ब्रोकरेज ने ONGC और BPCL के शेयरों पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ऊंचे टारगेट प्राइस दिए हैं। वहीं, सरकारी डिफेंस कंपनी HAL के लिए भी Jefferies का टारगेट मौजूदा स्तर से काफी ऊपर है।
एनर्जी सेक्टर को लेकर अपनी हालिया रिपोर्ट में Jefferies ने होर्मुज स्ट्रेट में संभावित व्यवधान, बढ़ती टैंकर लागत और क्रूड सप्लाई से जुड़े जोखिमों को प्रमुख कारकों में शामिल किया है।
Jefferies के टारगेट एक नजर में
कंपनी | मौजूदा भाव* | Jefferies टारगेट | संभावित तेजी* |
|---|---|---|---|
HAL | ₹4,604 | ₹6,800 | करीब 48% |
ONGC | ₹222 | ₹310 | करीब 40% |
BPCL | ₹302 | ₹410 | करीब 36% |
*ये आंकड़े उपलब्ध जानकारी के आधार पर हैं। शेयर की कीमतें बाजार के साथ बदलती रहती हैं।
ONGC: ₹310 के टारगेट पर ‘Buy’ रेटिंग
Jefferies ने सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ONGC के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹310 का टारगेट प्राइस दिया है। ₹222 के संदर्भ भाव से यह लगभग 39.6% की संभावित बढ़त के बराबर है।
ब्रोकरेज की एनर्जी मार्केट रिपोर्ट में होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान और टैंकर लागत में बढ़ोतरी को लेकर बाजार की चिंताओं का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सात दिनों में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही में करीब 10% की कमी देखी गई। इसके साथ ही फिजिकल और पेपर क्रूड की कीमतों के बीच लगभग 16 डॉलर प्रति बैरल का अंतर बताया गया है।
फिजिकल क्रूड की कीमत करीब 119 डॉलर प्रति बैरल बताई गई है, जबकि फ्रेट कॉस्ट में एक सप्ताह के दौरान लगभग 7% की वृद्धि हुई है। ऐसे घटनाक्रम ग्लोबल ऑयल मार्केट में सप्लाई और लॉजिस्टिक्स से जुड़े दबाव को दर्शाते हैं।
Bharat Petroleum Corporation Ltd. (BPCL) पर भी Jefferies ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने इसका ₹410 का टारगेट प्राइस तय किया है।
₹302 के संदर्भ भाव से देखें तो यह लगभग 35.8% की संभावित बढ़त दर्शाता है।
BPCL समेत ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए मौजूदा समय में रिफाइनिंग मार्जिन एक महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं। सप्लाई में व्यवधान और रूस की रिफाइनरियों पर हुए हमलों के बीच मिडिल डिस्टिलेट्स की उपलब्धता अपेक्षाकृत सीमित रहने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
Jefferies के अनुमान के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में OMCs को पेट्रोल पर करीब ₹11 प्रति लीटर और डीजल पर लगभग ₹16 प्रति लीटर का नुकसान हो सकता है।
हालांकि, ब्रोकरेज के मुताबिक यह अनुमान Q1 FY27 की तुलना में कम नुकसान को दर्शाता है। इसके अलावा, पेट्रोकेमिकल मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है, जो कंपनियों के लिए एक सकारात्मक पहलू हो सकता है।
ग्लोबल ऑयल मार्केट में इस समय केवल कच्चे तेल की कीमत ही महत्वपूर्ण नहीं है। शिपिंग रूट, फ्रेट रेट, रिफाइनिंग मार्जिन और सप्लाई की उपलब्धता भी एनर्जी कंपनियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इसलिए यहां किसी भी बड़े व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों और शिपिंग लागत पर पड़ सकता है।
Jefferies के मौजूदा अनुमानों में ONGC और BPCL के लिए मौजूदा संदर्भ भाव से ऊपर के टारगेट दिए गए हैं। हालांकि, ब्रोकरेज का टारगेट शेयर की भविष्य की कीमत की गारंटी नहीं होता।
क्रूड की कीमत, सरकार की पेट्रोल-डीजल मूल्य नीति, रिफाइनिंग मार्जिन, रुपये की चाल, ग्लोबल सप्लाई और भू-राजनीतिक घटनाक्रम जैसे कई कारक इन शेयरों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के ताजा नतीजे, वैल्यूएशन, जोखिम और अपनी निवेश अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
नोट: यह लेख उपलब्ध ब्रोकरेज अनुमानों और बाजार संबंधी जानकारी पर आधारित है। यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।